नारायणपुर में स्वास्थ्य क्रांति: जिला अस्पताल में 136 जांचें नि:शुल्क, आदिवासी अंचल को मिली बड़ी सौगात
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 18 मई 2026
छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी बहुल जिले नारायणपुर के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। जिला अस्पताल नारायणपुर में अब 136 प्रकार की पैथोलॉजिकल एवं डायग्नोस्टिक जांच सुविधाएं पूर्णतः नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल से उन हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा जो अब तक महंगी जांचों के लिए रायपुर, जगदलपुर या निजी प्रयोगशालाओं पर निर्भर थे।
नि:शुल्क जांचों का दायरा-
अस्पताल में शुरू की गई सुविधाओं में सामान्य रक्त परीक्षण से लेकर अत्याधुनिक जांचें सम्मिलित हैं। विटामिन प्रोफाइल टेस्ट, ब्लड कल्चर, यूरिन कल्चर, हार्मोनल असेसमेंट, थायरॉइड फंक्शन टेस्ट, शुगर प्रोफाइल, यकृत एवं वृक्क कार्य परीक्षण, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड तथा संक्रमण संबंधी विशिष्ट जांचें अब स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होंगी। अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों की तैनाती से जांच प्रक्रिया को तीव्र, सटीक एवं विश्वसनीय बनाया गया है, जिससे रोगियों को समय पर रिपोर्ट मिल सकेगी और उपचार शीघ्र आरंभ हो सकेगा।
जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया-
वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप- ने कहा, "राज्य सरकार का संकल्प है कि आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे। जिला अस्पताल में 136 जांचों का नि:शुल्क आरंभ स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।"
बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप - ने इस पहल को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा, "अब हमारे क्षेत्र के नागरिकों को सामान्य या विशेष जांचों के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह सुविधा न केवल समय और धन की बचत करेगी, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में जनविश्वास को भी सुदृढ़ करेगी।"
कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन - ने कहा, "नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच सुविधाओं का यह विस्तार जिले की स्वास्थ्य संरचना को और अधिक सक्षम बनाएगा।"
बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर-
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान और समय पर उपचार से गंभीर बीमारियों पर नियंत्रण संभव होगा। नारायणपुर जैसे दूरस्थ जिले में यह सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों के प्रति आमजन का विश्वास भी बढ़ेगा। यह पहल आदिवासी अंचल के लिए बेहतर स्वास्थ्य, आर्थिक संबल और गरिमामय जीवन की नई आशा लेकर आई है।





