नारायणपुर 2026 तक नक्सल मुक्त: माड़ मैत्री अभियान से बदला उसेबेड़ा, नक्सली स्मारक ध्वस्त

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Jun 4, 2026 - 15:42
Jun 4, 2026 - 15:44
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नारायणपुर 2026 तक नक्सल मुक्त: माड़ मैत्री अभियान से बदला उसेबेड़ा, नक्सली स्मारक ध्वस्त

नारायणपुर, 04 जून 2026। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप वर्ष 2026 तक नारायणपुर को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए जिले में लगातार ठोस अभियान चलाए जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा अब विकास और विश्वास बहाली पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ‘माड़ मैत्री अभियान’ के तहत ग्राम उसेबेड़ा में एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया गया।  

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिंसन गुड़िया एवं 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट श्री बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में पुलिस और आईटीबीपी के जवान उसेबेड़ा पहुंचे और ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को खुलकर अधिकारियों के सामने रखा, जिसमें घोटुलपारा में पेयजल आपूर्ति की गंभीर समस्या प्रमुख रही। ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि संबंधित विभाग से समन्वय कर जल्द से जल्द पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।  

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि उसेबेड़ा में वर्षों से स्थापित नक्सली स्मारक को हटाया जाना रहा। यह कार्य ग्रामीणों की पूर्ण सहमति, सहयोग और सक्रिय भागीदारी से संपन्न हुआ। स्मारक के ध्वस्त होने पर गांव में उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र में शांति और विकास के नए युग की शुरुआत बताया और कहा कि अब वे बंदूक के साये से निकलकर विकास की रोशनी में जीना चाहते हैं। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में शांति स्थापित करने और जनकल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।  

माड़ मैत्री अभियान के तहत कार्यक्रम स्थल पर ही स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। जरूरतमंद ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें परामर्श दिया गया और आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे राशन, पेंशन, आवास, आयुष्मान कार्ड और स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए फॉर्म भरने में मदद करने और प्रक्रिया समझाने का भी काम किया गया, ताकि शासन की योजनाएं सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें।  

नक्सल उन्मूलन के बाद पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ‘विग्रह से विश्वास’ की भावना को मजबूती से जमीन पर उतार रहा है। कभी सुरक्षा बलों से दूरी बनाकर रखने वाले ग्रामीण अब उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकास कार्यों में भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच आपसी भरोसे की नई नींव रखी है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के 2026 तक नारायणपुर को नक्सल मुक्त करने के संकल्प के बाद अब जमीनी स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि माड़ क्षेत्र के लोग भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों से अनुरोध किया कि भविष्य में भी इसी तरह के जनसंपर्क और विकासपरक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएं।