टसर रेशम योजना से संवर रही नारायणपुर के ग्रामीणों की जिंदगी, रोजगार संग बढ़ी आमदनी

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

May 27, 2026 - 23:00
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टसर रेशम योजना से संवर रही नारायणपुर के ग्रामीणों की जिंदगी, रोजगार संग बढ़ी आमदनी

नारायणपुर, 27 मई 2026 जिला नारायणपुर में रेशम विभाग द्वारा संचालित टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है। विभाग से जुड़े हितग्राही वर्ष में तीन फसल तक टसर कृमिपालन का कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ बेहतर आमदनी भी प्राप्त हो रही है।

          रेशम विभाग द्वारा पौधारोपित क्षेत्रों में समूह से जुड़े हितग्राहियों के माध्यम से कृमिपालन कराया जाता है। विभाग हितग्राहियों को मात्र 2 रुपये अनुदान दर पर टसर कृमि अंडे उपलब्ध कराता है। हितग्राही लगभग 45 से 50 दिनों तक कृमिपालन कर कोसाफल का उत्पादन करते हैं। उत्पादित कोसाफल के विपणन की सुविधा के लिए विभाग द्वारा ककून बैंक की स्थापना की गई है, जहां हितग्राही शासन द्वारा निर्धारित दर पर अपने कोसाफल का विक्रय कर सीधे आय अर्जित करते हैं।

          वर्तमान वर्ष 2025-26 में टसर केन्द्र ग्राम डूमरतराई, जिला नारायणपुर में कुल 15 स्थानीय हितग्राहियों द्वारा कृमिपालन कार्य किया गया। इनमें 10 महिला और 5 पुरुष हितग्राही शामिल रहे। इन हितग्राहियों ने मिलकर कुल 2 लाख 11 हजार 167 नग कोसाफल का उत्पादन किया। कोसाफल विक्रय से कुल 9 लाख 34 हजार 927 रुपये की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार प्रत्येक हितग्राही को औसतन 62 हजार 328 रुपये की अतिरिक्त वार्षिक आय प्राप्त हुई है। विशेष बात यह है कि कोसाफल विक्रय की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा की जाती है, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों सुनिश्चित हो रहे हैं।

          रेशम विभाग की इस योजना से जुड़े हितग्राहियों को केवल कृमिपालन तक ही सीमित लाभ नहीं मिल रहा, बल्कि विभागीय कार्यों जैसे निराई, गुड़ाई एवं अन्य गतिविधियों में भी वर्षभर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है तथा महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ रही है। टसर रेशम योजना अब नारायणपुर के ग्रामीणों के लिए आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।