दुग्गाल परगना में 26 गांवों की महिलाओं का ऐतिहासिक शंखनाद: शराबबंदी से नेतृत्व तक कुरीतियों के विरुद्ध 5 संकल्प पारित

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

May 18, 2026 - 21:06
May 18, 2026 - 21:11
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दुग्गाल परगना में 26 गांवों की महिलाओं का ऐतिहासिक शंखनाद: शराबबंदी से नेतृत्व तक कुरीतियों के विरुद्ध 5 संकल्प पारित

नारायणपुर, 17 मई 2026 दुगाल परगना में 17 मई 2026 को ग्राम पंचायत बिजली में आयोजित भव्य महिला सम्मेलन ने गोंडवाना समाज में सामाजिक सुधार की नई अलख जगाई। परगना के 26 गांवों से सैकड़ों महिलाओं, युवतियों एवं बुजुर्गों की अभूतपूर्व सहभागिता में यह सम्मेलन मां शीतला माता की पूजा-अर्चना के साथ आरंभ हुआ। यह आयोजन दुग्गाल परगना में महिलाओं को एकजुट कर सामाजिक मुद्दों पर सामूहिक मंथन का पहला ऐतिहासिक मंच बना। 

गरिमामयी उपस्थिति -

सम्मेलन में गोंडवाना महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती तीजाय कुमेटी, सचिव श्रीमती घनेश्वरी नाग, सलाहकार श्रीमती कविता गारड़ी , रेखा सलाम, संतोषी कुमेटी, की सक्रिय भूमिका रही। 

इसके अतिरिक्त गोंडवाना सचिव श्री मैनूराम कुमेटी, अध्यक्ष श्री रैनूराम कुमेटी, सुन्दरलाल नाग, सदस्य श्री देवनाथ उसेंडी सहित 26 गांवों के समाज प्रमुखों एवं गायता, पटेल ने उपस्थित रहकर मार्गदर्शन दिया। समाज प्रमुखों का विशेष योगदान कार्यक्रम को सफल बनाने में उल्लेखनीय रहा। 

सर्वसम्मति से पारित 5 ऐतिहासिक संकल्प:-

1. विवाह समारोहों में शराबबंदी:- शादी-विवाह में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध एवं फिजूलखर्ची पर रोक लगाई गई।  

2. पंचायतों में महिला शक्ति:-ग्राम पंचायतों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा कुरीतियों के उन्मूलन हेतु सतत अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।  

3. सचिव पद पर महिला आरक्षण:* समाज को आगे बढ़ाने के लिए सचिव स्तर पर महिला सदस्यों का चयन अनिवार्य किया गया, ताकि महिला नेतृत्व को सशक्त किया जा सके।  

4. सामाजिक अनुशासन:* अंतरजातीय विवाह करने पर समाज द्वारा कठोर कदम उठाने का प्रावधान रखा गया। युवा पीढ़ी को सामाजिक मापदंडों पर चलाने हेतु कुरीतियों को दूर करने के सुझाव दिए गए।  

5. पारंपरिक व्यवस्था का संरक्षण:-गायता पटेल एवं समाज प्रमुखों की रीति-नीति व्यवस्था के तहत संचालन को बढ़ावा देने तथा पांचवीअनुसूची क्षेत्र के अधिकारों के संरक्षण पर गहन मंथन हुआ।  

सम्मेलन का संदेश -

समाज प्रमुखों द्वारा विस्तार से बताए गए नियमों को महिलाओं को आगे लाने के लिए कारगर माना गया। उपस्थित सदस्यों ने सामाजिक एकजुटता, शिक्षा, आर्थिक स्वावलंबन एवं परंपराओं के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम के दुग्गाल परगना में सामाजिक बदलाव की सशक्त आधारशिला एवं महिला सशक्तिकरण की नई  मिसाल बना है।