प्रोजेक्ट धड़कन से 5,583 बच्चों की हृदय जांच, एक का सफल ऑपरेशन: समय पर पहचान से मिल रहा सुरक्षित भविष्य
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 04 जून 2026 जिले के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जन्मजात हृदय रोगों की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की अभिनव पहल "प्रोजेक्ट धड़कन" का सफल संचालन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत जिले के दूरस्थ, दुर्गम एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचकर बच्चों के हृदय स्वास्थ्य की जांच की जा रही है, जिससे गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाकर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
23 फरवरी 2026 से 29 मई 2026 तक संचालित इस अभियान के दौरान जिले में कुल 5,583 बच्चों का हृदय परीक्षण किया गया। विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग की गई। आंगनबाड़ी केंद्र बोरनिरापी में पंजीकृत 30 बच्चों में से 28 बच्चों तथा आंगनबाड़ी केंद्र मसपुर में पंजीकृत 64 बच्चों में से 60 बच्चों की हृदय जांच की गई। विस्तृत परीक्षण के दौरान कुल 06 बच्चों में संभावित हृदय रोग के लक्षण पाए गए, जिन्हें विशेषज्ञ उपचार एवं परामर्श के लिए चिन्हित किया गया।
जांच उपरांत एक बच्चे को तत्काल उपचार हेतु रायपुर स्थित सत्य साई हॉस्पिटल भेजा गया, जहां 10 अप्रैल 2026 को उसका सफल हृदय ऑपरेशन किया गया। वर्तमान में बच्चा पूर्णतः स्वस्थ है तथा सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए राहत और खुशी का विषय है।
इसी क्रम में दो अन्य बच्चों को 07 मई 2026 को उपचार एवं विशेषज्ञ परामर्श हेतु सत्य साई हॉस्पिटल, रायपुर ले जाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद एक बच्चे की रिपोर्ट सामान्य पाई गई, जबकि दूसरे बच्चे को तीन माह बाद पुनः फॉलोअप जांच के लिए बुलाया गया है।
वहीं शेष तीन बच्चों को 29 मई 2026 को जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ जांच हेतु लाया गया। इनमें से दो बच्चों की ईको रिपोर्ट सामान्य प्राप्त हुई, जबकि एक बच्चे में हृदय रोग के लक्षण पाए गए हैं। उक्त बच्चे को शीघ्र ही उपचार के लिए सत्य साई हॉस्पिटल, रायपुर भेजा जाएगा।
प्रोजेक्ट धड़कन के माध्यम से जिले के हजारों बच्चों की समय पर स्वास्थ्य जांच एवं संभावित हृदय रोगों की पहचान संभव हो सकी है। यह पहल न केवल गंभीर बीमारियों की रोकथाम में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन, स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी तथा चिकित्सा दल के समर्पित प्रयासों से प्रोजेक्ट धड़कन जिले में बाल स्वास्थ्य संरक्षण का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभर रहा है। यह पहल दर्शाती है कि समय पर जांच, सही परामर्श और गुणवत्तापूर्ण उपचार के माध्यम से नन्हीं धड़कनों को नया जीवन और सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सकता है।





