आईटीबीपी ने अबूझमाड़ के साइकिल रिपेयरिंग प्रशिक्षण पूरा करने वाले 5 युवाओं को टूल किट दिए
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 12 जून 2026 41वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आयोजित 14 दिवसीय साइकिल रिपेयरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सामरिक मुख्यालय में किया गया। इस प्रशिक्षण में अबूझमाड़ क्षेत्र के पांच युवाओं ने भाग लिया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डीआईजी, सेक्टर मुख्यालय (भुवनेश्वर) के मार्गदर्शन तथा 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट श्री बेनुधर नायक के निर्देशन में आयोजित किया गया। 41वीं वाहिनी आईटीबीपी की तैनाती कस्तूरमेटा, कुतुल, बेड़माकोटि, पदमकोट और नेलांगुर क्षेत्रों में है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय आदिवासी युवाओं को व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ना था। आवासीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साइकिल की मरम्मत, रखरखाव और सर्विसिंग से जुड़ी तकनीकी जानकारी सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रूप से दी गई। यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क रहा, जिसमें आईटीबीपी द्वारा आवास, भोजन, परिवहन और प्रशिक्षण की सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी युवाओं को कपड़ों का किट और साइकिल रिपेयरिंग टूल किट भी प्रदान किया गया, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद तत्काल स्वरोजगार शुरू कर सकें अथवा संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को जिले में उपलब्ध विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी देने के उद्देश्य से उद्यानिकी फार्म, मत्स्य पालन केंद्र, स्विमिंग पूल, पारंपरिक कुम्हार शिल्प केंद्र, नारियल बागान तथा आम बागान का भ्रमण भी कराया गया। इससे युवाओं को वैकल्पिक रोजगार संभावनाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त हुई।
समापन समारोह में 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के अधिकारी एवं जवान, साइकिल प्रशिक्षक श्री योगेश तथा प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आईटीबीपी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और भविष्य में आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे। 41वीं वाहिनी आईटीबीपी की यह पहल अबूझमाड़ के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के सामाजिक-आर्थिक विकास, कौशल उन्नयन और सशक्तिकरण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





