अबूझमाड़ में सुरक्षित मातृत्व की नई उम्मीद बना आदेर मायका सेंटर, बरसात में भी हुआ सुरक्षित संस्थागत प्रसव
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 27 जुलाई 2026अबूझमाड़ के दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में बरसात का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। उफनते नदी-नाले, टूटे-फूटे रास्ते और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच की दिक्कतों के बीच सुरक्षित प्रसव एक बड़ा सवाल बन जाता था। लेकिन अब विकासखंड ओरछा के आदेर मायका सेंटर ने इस तस्वीर को बदल दिया है और सुरक्षित मातृत्व की नई पहचान बन रहा है।
इसी कड़ी में ग्राम भटबेड़ा की गर्भवती महिला सामबती का 24 जुलाई को आदेर मायका सेंटर में सुरक्षित एवं सफल संस्थागत प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें केंद्र में नियमित चिकित्सकीय देखभाल, पौष्टिक भोजन और जरूरी निगरानी उपलब्ध कराई जा रही है।
यह केवल एक सफल प्रसव की कहानी नहीं है, बल्कि उन दूरस्थ गांवों की माताओं के लिए भरोसे की नई किरण है जहां कभी प्रसव का समय सबसे ज्यादा भय और जोखिम वाला माना जाता था। मायका सेंटर की व्यवस्था के तहत अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले ही केंद्र में लाकर रखा जाता है। यहां उन्हें सुरक्षित माहौल, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, संतुलित भोजन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी मिलती है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार संभव हो सके।
सामबती और उसके स्वस्थ नवजात का यह प्रसव इस बात का प्रमाण है कि समय पर देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित होने से भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद भी सुरक्षित मातृत्व के सपने को साकार किया जा सकता है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि अबूझमाड़ का कोई भी परिवार केवल दूरी या दुर्गमता के कारण सुरक्षित मातृत्व के अधिकार से वंचित न रहे।
हर सुरक्षित प्रसव के साथ आदेर मायका सेंटर न सिर्फ माताओं के चेहरे पर विश्वास लौटा रहा है, बल्कि नवजात बच्चों के जीवन की शुरुआत को भी सुरक्षित बना रहा है। यह पहल अबूझमाड़ की उन अनगिनत माताओं के लिए आशा का संदेश है जो अब बिना भय के मातृत्व के इस महत्वपूर्ण सफर को तय कर रही हैं।





