नारायणपुर में DGP छत्तीसगढ़ ने ली सुरक्षा समीक्षा बैठक, नक्सल पुनर्वास और पारदर्शी पुलिसिंग पर दिया जोर - मैत्री कैफे का भी किया भ्रमण
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने आज दिनांक 22.09.2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय नारायणपुर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में नारायणपुर और कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में पुलिस महानिदेशक ने पुलिसिंग से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नक्सल पुनर्वास नीति पर जोर-
DGP महोदय ने निर्देश दिए कि बेसिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए और शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत अधिकतम लाभ दिया जाए और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।
पारदर्शी और तकनीक आधारित पुलिसिंग-
बैठक में सभी जिलों में पारदर्शी और तकनीक आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। DGP ने आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग और पुलिस की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
आपसी समन्वय पर दिया जोर-
उन्होंने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF, BSF, ITBP) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। साथ ही अंदरूनी क्षेत्रों और गांवों में नियमित भ्रमण कर विकास कार्यों का अवलोकन करने और स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनता का विश्वास जीतना पुलिसिंग की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
कौन-कौन रहा मौजूद-
इस उच्च स्तरीय बैठक में ADG नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, IG बस्तर श्री बी.एन. मीणा, IG CRPF श्री कबीब के, IG BSF श्री संजय पंत, BSF एवं ITBP के DIG गण, SP नारायणपुर श्री संदीप पटेल और SP कांकेर श्री निखिल राखेचा सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद किया मैत्री कैफे का भ्रमण
बैठक के उपरांत DGP श्री अरुण देव गौतम सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने नारायणपुर पुलिस द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों के स्वरोजगार के लिए स्थापित मैत्री कैफे का भ्रमण किया। अधिकारियों ने वहां आत्मसमर्पित माओवादियों से संवाद किया और उनके द्वारा बनाए गए विभिन्न व्यंजनों का स्वाद भी चखा।
अधिकारियों ने आत्मसमर्पित माओवादियों के आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया। मैत्री कैफे आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन और स्वरोजगार देने की दिशा में नारायणपुर पुलिस की एक अनू
ठी और सराहनीय पहल है।





