डर से विकास तक: नक्सल मुक्त अबूझमाड़ में पहली बार 80वां स्वतंत्रता दिवस, आईटीबीपी (ITBP 41BN )और ग्रामीणों ने साथ फहराया तिरंगा
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
कोंडागांव/नारायणपुर, छत्तीसगढ़ आजादी के 80 वर्ष पूरे होने पर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में इतिहास रचा गया। नक्सलवाद से लंबे समय तक प्रभावित रहे गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस इतनी धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल ( ITBP 41BN)की 41वीं वाहिनी (41st Bn) के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर इस दिन को यादगार बना दिया।
41वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में कंपनी ऑपरेटिंग बेस (COB) कुटुल, कस्तुरमेटा, बेदमाकोटी, पदमकोट , नेलंगुर एवं कोकराझोर में एक साथ तिरंगा फहराया गया। हर जगह देशभक्ति के गीत गूंजे, बच्चों ने नृत्य किए और ग्रामीणों की आंखों में गर्व के आंसू थे।
कंपनी ऑपरेटिंग बेस (COB) कुटुल का दृश्य सबसे भावुक था। कभी जिसे नक्सलियों का गढ़ कहा जाता था, वहां आज कमांडेंट श्री बेनुधर नायक ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP41BN) के अधिकारी-जवान उपस्थित थे। समारोह के बाद कमांडेंट महोदय ने जरूरतमंद परिवारों को साड़ी और शॉल भेंट कर मानवीय संवेदना का परिचय भी दिया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए बल और कमांडेंट महोदय का आभार जताया।
वहीं कंपनी ऑपरेटिंग बेस (COB) बेदमाकोटी अल्फा कंपनी (A Coy) में समारोह सहायक कमांडेंट/आर्मर श्री विजय कुमार की उपस्थिति में हुआ। यहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, बच्चों और आसपास के गांवों से आए लगभग 70 ग्रामीणों ने भाग लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद सभी ने मिलकर बड़ाखाना में एक साथ भोजन किया। थाली में साथ बैठकर खाते हुए जवानों और ग्रामीणों के बीच का फासला मिट गया और रिश्तों में नई गर्माहट आई।
इसी प्रकार कंपनी ऑपरेटिंग बेस (COB) कस्तुरमेटा, पदमकोट और नेलंगुर में भी हर्ष के साथ ध्वजारोहण हुआ और बड़ाखाना आयोजित किया गया। हर जगह एक ही संदेश था - अब डर नहीं, अब विकास और भाईचारे का समय है।
नक्सलवाद के खात्मे के बाद यह पहला अवसर था जब इन गांवों में स्वतंत्रता दिवस का जश्न खुले मन से मनाया गया। जहां कभी सन्नाटा और दहशत थी, आज वहां तिरंगे की लहर और बच्चों की किलकारियां हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP41BN) की 41वीं वाहिनी ने सुरक्षा के साथ-साथ सेवा का जो संकल्प लिया है, उसने ग्रामीणों और जवानों के बीच अटूट विश्वास की डोर बांध दी है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर कमांडेंट श्री बेनुधर नायक, सहायक कमांडेंट/आर्मर श्री विजय कुमार, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP41BN) के अधिकारी-जवान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।





