भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जिले में मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Nov 15, 2025 - 22:01
 0  19
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जिले में मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस

नारायणपुर, 15 नवंबर 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की पहल की है, जिससे हर वर्ष उनकी जयंती 15 नवंबर को मनाई जाती है। वर्ष 2021 से भारत सरकार ने इस दिन को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में घोषित किया, ताकि आदिवासी समाज के इतिहास, संस्कृति और वीरता को सम्मान दिया जा सके। 

जिले में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम माहका के इंडोर स्टेडियम में मुख्य अतिथि अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा भारत के महान आदिवासी नायक थे, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान (विद्रोह) का नेतृत्व किया। वे मुंडा समुदाय से आते थे और उन्हें “धरती आबा” यानी धरती पिता कहा जाता है। बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज के हक, संस्कृति और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ देश के विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी आंदोलन राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ गए और पूरे देश में भारतीयों को प्रेरित किया। आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए उनके बलिदान के बारे में जागरूक करने के लिएए सरकार ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया है। इस दिन को श्री बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में मनाया जाता है। बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश औपनिवेशिक व्यवस्था की शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ देश के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और ब्रिटिश उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया। न्याय के हित में सर्वस्व बलिदान करने की भावनाएं जनजातीय समाज की विशेषता रही है। स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में जनजातीय समुदायों द्वारा किए गए विद्रोहों की अनेक धाराएं भी शामिल हैं। 

आदिवासी प्रकृति पर आधारित जीवन यापन करते हैं और सम्मानपूर्वक प्रकृति की रक्षा भी करते हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान प्राकृतिक संपदा को शोषण से बचाने के लिए जनजातीय समुदाय के लोगों ने भीषण संघर्ष किए थे। वन संपदा का संरक्षण काफी हद तक उनके बलिदान से ही संभव हो सका। आज के समय में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के दौर में आदिवासी समाज की जीवन शैली और वन संरक्षण के प्रति उनके दृढ़निश्चय से सभी को शिक्षा लेने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को खेल के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए बस्तर ओलंपिक खेल का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने आदिवासियों को नशा से दूर रहने के लिए अपील करते हुए कहा कि चिंतन और मनन करने के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को अपनाने की बात कही। गांव में लगभग 80 प्रतिशत से अधिक आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते हैं आपसी जन भागीदारी के साथ समाज को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करें। गांव में गायता, पुजारी, पटेल आदि निवास करते हैं, उन्हें अपने अधिकार को उपयोग करने का अपील किया, जिससे समाज को आगे बढ़ाने में अमूल्य योगदान मिलेगा। नारायणपुर के विकास के लिए सड़क पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसे बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को पूरा करने में प्रयास करना होगा।

 उन्होंने छत्तीसगढ़ के आदिवासी शूरवीरों को याद करते हुए नमन किया। मुख्य अतिथि विधायक श्री विक्रम उसेंडी ने विभिन्न विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे है। पीएम जनमन एवं धरती आबा तथा आदि कर्मयोगी योजना से विशेष पिछड़ी जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। 

कार्यक्रम में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए पीएम जनमन अंतर्गत जिले में किये जा रहे कार्यों और जिले चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले जनजातीय एवं निवासरत ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा। कौशल विकास के क्षेत्र में पीएम जनमन अंतर्गत कार्य प्रारंभ किये जा रहे हैं। कलेक्टर ममगाईं ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते उनके किए गए कार्यों को याद किया। जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में स्कूली छात्र छात्राओं और ग्रामीणों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

मुख्य अतिथि द्वारा कार्यक्रम में कक्षा दसवीं एवं बारहवी में मेरिट स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदाय किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास की चाबी, आयुष्मान कार्ड तथा कृषि विभाग के हितग्राहियों को बीज मिनीकीट प्रदाय किया। कार्यक्रम में पद्मश्री हेमचंद मांझी, परगना के मांझीगण, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतापसिंह मंडावी, छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार, जनपद पंचायत ओरछा के अध्यक्ष नरेश कोर्राम, उपाध्यक्ष मगंड़ूराम नूरेटी, जनपद पंचायत नारयणपुर के अध्यक्ष पिकीं उसेण्डी, वरिष्ठ नागरिक बृजमोहन देवांगन, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्य, सीईओ जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मंडावी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी, तथा जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे।