व्यक्तिमूलक फलदार वृक्षारोपण योजना से सुरेश चन्द्र की बदलती तस्वीर
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 18 सितम्बर 2025 जिले के खड़कागांव ब ग्राम एक ऐसा क्षेत्र है, जो भौगोलिक रूप से दुर्गम है और लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है। यहां के अधिकांश ग्रामीणों की आजीविका वर्षा आधारित कृषि और जंगलों से मिलने वाले संसाधनों पर निर्भर रही है। प्राकृतिक कठिनाइयों और असुरक्षा के वातावरण के बीच भी यहां के लोग अपनी मेहनत और संकल्प से बदलाव की नई इबारत लिख रहे हैं। सुरेश चन्द्र भण्डारी, जो खड़कागांव ब ग्राम पंचायत के एक मेहनती कृषक हैं। उन्होंने न केवल अपने जीवन को हरियाली से संवारने की ठानी, बल्कि गांव के अन्य किसानों के लिए भी एक मिसाल कायम की।
ग्राम की सामाजिक-आर्थिक परिस्थिति को देखते हुए, उद्यान विभाग ने सुरेश चन्द्र भण्डारी को व्यक्तिमूलक फलदार वृक्षारोपण योजना के तहत् सहायता प्रदान की। इस योजना के अंतर्गत उन्हें एक हेक्टेयर भूमि पर फलदार वृक्षारोपण के लिए 02 लाख 25 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई। सुरेश ने इस राशि का उपयोग सोच-समझकर किया और आम, काजू, कटहल, नींबू और अमरूद जैसे उच्च बाजार मूल्य वाले लगभग 277 फलदार वृक्षों का रोपण किया। यह चयन न केवल जलवायु और मिट्टी के अनुकूल था, बल्कि भविष्य में स्थायी आमदनी का स्रोत भी बना।
शुरुआती दो वर्षों में पौधों की देखरेख, सिंचाई और खाद प्रबंधन की जिम्मेदारी सुरेश ने खुद निभाई। अब इन पौधों में धीरे-धीरे फल आना शुरू हो गया है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय मिलनी शुरू हो गई है। साथ ही, इस वृक्षारोपण से पर्यावरणीय लाभ जैसे हरियाली में वृद्धि, मृदा संरक्षण और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिला है। सुरेश चन्द्र भण्डारी की सफलता ने गांव के अन्य किसानों को भी फलोद्यान योजना अपनाने के लिए प्रेरित किया है। अब कई ग्रामीण अपनी बंजर या कम उपयोगी भूमि पर फलदार वृक्षारोपण करने के लिए इच्छुक हैं।





