नए आशियानों में संवर रही हैं ग्रामीणों की खुशियाँ: नारायणपुर में 6000 से अधिक आवास स्वीकृत, अबूझमड़िया परिवारों को भी मिला पक्के घर का सपना
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 06 अगस्त 2026 रोटी, कपड़ा और मकान जीवन की तीन बुनियादी जरूरतें हैं। इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) नारायणपुर जिले के ग्रामीण परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत मिले आर्थिक सहयोग से जिले में कई परिवारों के जीवन में नई रोशनी आई है।
6 हजार से अधिक आवास स्वीकृत
वित्तीय वर्ष 2024-26 में जिले में लगभग 6000 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 4000 हितग्राहियों को प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है। अब तक 1650 आवास पूर्ण हो चुके हैं और शेष आवासों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्रामीण अपने नए पक्के घरों में गृह प्रवेश कर पूजा-अनुष्ठान के साथ खुशियाँ मना रहे हैं।
विशेष परियोजना और आदिवासी न्याय महाअभियान
स्पेशल प्रोजेक्ट के अंतर्गत आत्म समर्पित एवं नक्सल पीड़ित 649 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 410 को प्रथम किस्त मिल चुकी है और *13 आवास पूर्णहो चुके हैं।
वहीं प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महाअभियान योजना के तहत जिले के सुदूर अंचल में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति अबूझमड़िया समुदाय के 4892 परिवारों का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया। सर्वे के आधार पर 2390 आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 315 आवास बनकर तैयार हैं। छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का सर्वे भी जारी है।
जीवन स्तर में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री आवास योजना से न केवल ग्रामीणों को पक्का मकान मिला है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। नया घर मिलने से परिवारों में खुशहाली और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है।
इस योजना ने जिले के ग्रामीणों को सिर्फ छत ही नहीं दी, बल्कि सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का अवसर भी दिया है।





