असीमांकित क्षेत्रों की सुरक्षा में 'वन मित्र' बने मजबूत प्रहरी, 29 स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार, अबुझमाड़ के वनों में अवैध कटाई पर लगी रोक
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 03 जुलाई 2026 वनमण्डल नारायणपुर के असीमांकित क्षेत्रों में वनों की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 'वन मित्र' के रूप में नियुक्त किया गया है। इस पहल से एक ओर जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, वहीं दूसरी ओर अबुझमाड़ क्षेत्र में वनों की अवैध कटाई, अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध अतिक्रमण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। वनमण्डल नारायणपुर के असीमांकित क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित होने के कारण अपेक्षाकृत सुरक्षित रहे थे। 31 मार्च 2026 के बाद जिले के नक्सलमुक्त होने से इन क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ी, जिसके परिणामस्वरूप कुछ स्थानों पर पेड़ों की अवैध कटाई एवं पेंदा खेती के लिए वन भूमि पर दबाव बढ़ने लगा। इससे वनों के संरक्षण की चुनौती सामने आई।
ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशों के परिपालन में वन विभाग ने दूरदर्शी पहल करते हुए अबुझमाड़ क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 'वन मित्र' के रूप में नियुक्त किया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं की भागीदारी से वनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। वर्तमान में असीमांकित क्षेत्र के ग्राम लोडागोटा, कुड़मेल, करांगुर, धोबे, कुतुल, फरसबेड़ा, पदमकोट, कोड़ेनार, नेलांगुर, नेड़नार, कस्तुरमेटा, कोडनार, नेलनार, मोहंदी, कच्चापाल, ईरकभट्टी, बेचा, सरगीपाल, गोंगला, छिंदपदर, होरादि, बिनागुण्डा एवं छिंदपुर सहित विभिन्न ग्रामों के 29 युवाओं को वन मित्र के रूप में नियुक्त कर लगभग 2 लाख 69 हजार 681 हेक्टेयर असीमांकित वन क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वन विभाग के उपवनमण्डलाधिकारी, परिक्षेत्राधिकारी एवं वन कर्मचारियों द्वारा वन मित्रों को नियमित रूप से वनों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा जनजागरूकता संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षित वन मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर ग्रामीणों को बैठक एवं मुनादी के माध्यम से वन संरक्षण, अवैध कटाई रोकने तथा लघु वनोपज के सतत संग्रहण के संबंध में जागरूक कर रहे हैं। वन विभाग ने इन वन मित्रों को छह दलों में विभाजित कर प्रस्तावित नवीन असीमांकित परिक्षेत्र बेडमाकोटि, परियादी, कोहकामेटा, ओरछा, होरादि एवं आकाबेड़ा में तैनात किया है। प्रत्येक दल अपने निर्धारित क्षेत्र में निगरानी रखते हुए अवैध कटाई, अवैध परिवहन, अवैध उत्खनन एवं अतिक्रमण की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
वन मित्रों की नियुक्ति के बाद असीमांकित क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। स्थानीय युवाओं की सहभागिता से वन संरक्षण को नई मजबूती मिली है तथा रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का यह मॉडल अबुझमाड़ क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभर रहा है।





