जिले में वीबी-जी राम जी कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्राम पंचायतों में विकास और रोजगार आधारित कार्यों को मिलेगी नई गति
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 03 जुलाई 2026 भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए वीबी-जी राम जी (विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)) कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को जिला पंचायत नारायणपुर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम ने की। इस दौरान भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी प्रदर्शित किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों ने देखा और सुना। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो तथा जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा योजना के क्रियान्वयन से जुड़े मैदानी अमले ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्थानीय आवश्यकताओं एवं उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का आकलन कर दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन, आधारभूत अधोसंरचना निर्माण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने ग्राम पंचायतों को श्रेणीवार कार्यों का चयन कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में अधिकारियों द्वारा वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधान, कार्यों के चयन की प्रक्रिया, पारदर्शी क्रियान्वयन व्यवस्था तथा विभिन्न स्तरों पर उत्तरदायित्व संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही योजना के अंतर्गत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी दर 300 रुपये प्रतिदिन किए जाने संबंधी प्रावधान से भी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को अवगत कराया गया।
इस अवसर पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिजिटल प्रणाली के उपयोग, पारदर्शिता, सामाजिक उत्तरदायित्व, गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत स्तर पर अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई गति देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में संबंधित अधिकारियों ने योजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए सभी ग्राम पंचायतों से समन्वित रूप से कार्य कर योजना को सफल बनाने का आह्वान किया।





