नक्सल प्रभावित दूरस्थ गांवों में सौर ऊर्जा की रोशनी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में क्रेडा की ऐतिहासिक पहल

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Mar 2, 2026 - 21:12
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नक्सल प्रभावित दूरस्थ गांवों में सौर ऊर्जा की रोशनी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में क्रेडा की ऐतिहासिक पहल

नारायणपुर 02 मार्च 2026 प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है। राज्य शासन की प्राथमिकता के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों, विशेषकर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य न केवल स्वच्छ और सतत ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि प्रदेश के दूरस्थ, दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाना भी है।

           क्रेडा विभाग द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ ऐसे स्थानों पर भी की जा रही है, जहां आजादी के बाद से विकास की किरणें पूरी तरह नहीं पहुंच पाई थीं। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित और अत्यंत दुर्गम इलाकों में सोलर हाईमास्ट लाइटों की स्थापना एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है। इन क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण अन्य विभागों की पहुंच सीमित रही है, किंतु क्रेडा ने सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ इन बाधाओं को पार किया है।

         मुख्यमंत्री श्री साय की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत जिले के विकासखंड ओरछा के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम नेलांगूर, पदमकोट, कुतुल, परपा, पांगुड और मुसेर में सोलर हाईमास्ट संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इन गांवों के घोटुल, चौक-चौराहों और सामुदायिक स्थलों पर अब रात्रिकालीन निर्बाध प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हो गई है। पहले जहां सूर्यास्त के बाद अंधकार छा जाता था और जनजीवन लगभग ठहर सा जाता था, वहीं अब शाम ढलते ही गांव रोशनी से जगमगा उठते हैं।

         इन सोलर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। अब ग्रामीण रात्रि के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर पा रहे हैं, पारंपरिक लोकनृत्य और उत्सवों का आनंद ले रहे हैं तथा युवा वर्ग चौक-चौराहों पर बॉलीबॉल जैसे खेलों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। इससे सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिला है।

        विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि जिन क्षेत्रों में ये संयंत्र लगाए गए हैं, वे घोर नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। सुरक्षा कारणों से जहां सामान्यतः अधिकारियों का जाना भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है, वहां क्रेडा द्वारा सफलतापूर्वक कार्य पूर्ण करना विभाग की प्रतिबद्धता और साहस को दर्शाता है। इस पहल ने स्थानीय निवासियों में विश्वास की नई किरण जगाई है कि शासन और प्रशासन उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील है।

         ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि शासन की योजनाएं वास्तव में उनके गांव तक पहुंच रही हैं। सौर ऊर्जा आधारित यह पहल न केवल प्रकाश व्यवस्था तक सीमित है, बल्कि यह आत्मविश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन गई है।

        अब स्थानीय लोगों को यह भरोसा हो चला है कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री के निर्देशन में क्रेडा विभाग ने सभी चुनौतियों को पार करते हुए सोलर हाईमास्ट और अन्य सौर संयंत्रों की स्थापना की है, उसी प्रकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाएं भी शीघ्र ही उनके क्षेत्रों तक पहुंचेंगी। इस प्रकार सौर ऊर्जा की यह रोशनी केवल गांवों को ही नहीं, बल्कि विकास की नई संभावनाओं को भी आलोकित कर रही है।