राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विज्ञान व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Feb 19, 2026 - 18:25
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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विज्ञान व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन

नारायणपुर, 19 फरवरी 2026 शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 के उपलक्ष्य में 19 फरवरी को विज्ञान प्रसिद्ध व्याख्यान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम जंतु विज्ञान विभाग के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस वर्ष का मुख्य विषय “Women in Science: Catalysing Viksit Bharat” रखा गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं संस्था के प्राचार्य डॉ. एस.आर. कुंजाम द्वारा माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. कुंजाम ने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य, जैव-प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, अंतरिक्ष विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएँ सक्रिय रूप से शोध कार्य कर रही हैं। विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों में उनकी भागीदारी निरंतर बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा महिलाओं के लिए विशेष योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें शोध कार्य हेतु प्रोत्साहित करना और अवसर प्रदान करना है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महिलाओं की शोध सहभागिता में पारिवारिक दायित्व, सामाजिक रूढ़ियाँ, संसाधनों की कमी, मार्गदर्शन का अभाव तथा कार्यस्थल पर असमानता जैसी चुनौतियाँ अब भी मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के समन्वयक श्री बी.डी. चांडक ने विज्ञान में महिलाओं की भूमिका एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उदाहरणस्वरूप मैरी क्यूरी ने रेडियोधर्मिता के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य करते हुए दो बार नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। कल्पना चावला ने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत का नाम विश्व पटल पर स्थापित किया। टेस्सी थॉमस को ‘मिसाइल वुमन ऑफ इंडिया’ कहा जाता है, जिन्होंने रक्षा अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी प्रकार गगनदीप कांग ने वैक्सीन अनुसंधान और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाएँ चिकित्सा विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान, सूचना प्रौद्योगिकी, भौतिकी एवं रसायन विज्ञान जैसे विविध क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि सीएसआईआर सहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाएँ महिलाओं को अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही।