मेेले मेें भव्यता के साथ हुआ देव परिक्रमा एवं समागम ग्रामीणों द्वारा परंपरागत तरीके से किया गया देव विग्रहों की अगवानी

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Feb 11, 2026 - 20:59
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मेेले मेें भव्यता के साथ हुआ देव परिक्रमा एवं समागम ग्रामीणों द्वारा परंपरागत तरीके से किया गया देव विग्रहों की अगवानी

नारायणपुर, 11 फरवरी 2026 नारायणपुर में आयोजित ऐतिहासिक माता मावली मेले में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम एवं नगरपालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल शामिल होकर माता मावली को प्रमाण करते हुए जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। जिले की लोक संस्कृति, देव मान्यता एवं परंपरा का प्रतीक मावली मेले का पूरी श्रद्धा आस्था एवं उल्लास के साथ आज जिला मुख्यालय में आगाज हुआ। इस क्रम में मेले का विधिवत शुरूवात माता मावली मंदिर

 मे पारंपरिक पूजा अर्चना परघाव के साथ हुआ। यहां आस पास के गांवो के स्थानीय देवी देवताओं के समागम के साथ जुलूस निकाल कर मेला स्थल मे ढाई परिक्रमा की रस्म पूरी की गई। इस रस्म के दौरान जगह जगह ग्रामीणों द्वारा सभी देवी देवताओं का विग्रहों के प्रतीक स्वरूप डंगई, लाठ, डोली, छत्र की पारंपरिक पूजा अर्चना किया गया। समागम स्थल में माता मावली, कोट गुड़ीन, शीतला माता, कोकोड़ी करीन, तेलवाड़ीन माता, कंकालीन माता, सोनकुंवर, भीमादेव सहित स्थानीय देवी देवताओं के आगमन से उपस्थित जनमानस श्रद्धा और आस्था से भाव विभोर हो गये, इनके साथ सिरहा पुजारी एवं गायता भी मौजूद थे।

           जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम एवं नगरपालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मावली माता की आशीर्वाद से बस्तर की संस्कृति और परंपरा सदा बना रहे। यह मेला सामाजिक समरसता का उदाहरण है। इस मेले में दूर दूर से आकर लोग मेले का शोभा बढ़ाते हैं। यहां के आदिवासी ही जल जंगल जमीन को बचाए रखे हैं, वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति को जानने के लिए नारायणपुर के मावली माता मेला को जरूर देखें। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल के लोगों का मड़ई-मेला लोक, कला और संस्कृति का संगम है। यह मेला जिले का ऐतिहासिक और ख्याति प्राप्त मड़ई-मेला है। स्थानीय लोगों के सगे-संबंधी दूर-दूर से यहां की लोक, कला, संस्कृति, रीति-रिवाज और परम्पराओं से रूबरू होने एवं देखने प्रतिवर्ष यहां आते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला 5 दिनों तक लोगों को और सैलानियांे को इस मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक देखने को मिलेगा। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता के आशीर्वाद से जिले में चौतरफा विकास हो। आप सभी मेले में आये और मेले का भरपूर आनंद उठाये।

           ज्ञात हो कि 11 से 15 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले मे प्रतिदिन संध्या को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके इसके तहत् 11 फरवरी को स्थानीय लोक नतर्क दलों की प्रस्तुति, 12 फरवरी को बस्तर अंचल लोकरंग गु्रप सोनू मानिकपुरी की प्रस्तुति, 13 फरवरी को बस्तर भूमकाल सांस्कृतिक लोक संस्था की प्रस्तुति, 14 फरवरी को सुनील सोनी नाईटश एण्ड ग्रुप की प्रस्तुति, 15 फरवरी को आरू साहू लोक गायिका ग्रुप की प्रस्तुति और 16 फरवरी को अलंकार बैंड बिलासपुर द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएगी। चुंकि मावली मेला इस क्षेत्र का बड़ा लोकोत्सव है अतः इस वर्ष भी मेले की रौनक को चार चांद लगाने के लिए मीना बाजार, विभिन्न प्रकार के झूले, दैनिक उपयोगी के वस्तुओं, फैन्सी दुकानें, मिष्ठान दुकानों से मेला स्थल पूरी तरह से सजा हुआ है और लोगो की भारी भीड़ उमड़ रही है। जिला प्रशासन द्वारा भी मेले स्थल मे सभी आवश्यक व्यवस्था जैसे पार्किंग, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये गये है।

             इस अवसर पर सरपंच छोटेडोंगर संध्या पवार, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत सदस्यगण, पार्षदगण, कलेक्टर नम्रता जैन, एसपी रॉबिनसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. राजेन्द्र सिंह, जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।