नारायणपुर के साथ अन्याय: मातृ जिला कांकेर को मिल रहा डीएमएफ का अधिकांश हिस्सा, स्थानीय विकास बाधित
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, छत्तीसगढ़ - नारायणपुर जिले में स्थित रावघाट-अंजरेल क्षेत्र में भारतीय स्टील प्लांट (बीएसपी), भिलाई द्वारा लौह अयस्क खनन का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिससे जिले को मिलने वाली जिला खनिज न्यास निधि (DMF) का अधिकांश हिस्सा मातृ जिला कांकेर को मिल रहा है। यह स्थिति नारायणपुर के विकास में बाधा उत्पन्न कर रही है और स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है।
वर्ष 2020-21 से जनवरी 2025 तक कुल DMF राशि लगभग 265 करोड़ रुपये से अधिक जमा हुई है, जिसमें से नारायणपुर जिले को केवल 5 करोड़ रुपये ही मिले हैं। शेष राशि कांकेर जिले को हस्तांतरित की जा रही है, जो कि नारायणपुर के साथ अन्याय है।
नारायणपुर जिले के लोगों का कहना है कि खनन क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा (लगभग 60%) नारायणपुर(DMF) राशि का वितरण अन्य जिले को किया जा रहा है। इससे जिले के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है और स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और जल संरक्षण जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
नारायणपुर जिले के लोगों ने मांग की है कि बीएसपी और खनिज विभाग द्वारा नारायणपुर जिले को उसकी हिस्सेदारी के अनुसार पूर्ण DMF राशि तत्काल हस्तांतरित की जाए और भविष्य में DMF राशि का वितरण खनन क्षेत्र के वास्तविक भौगोलिक स्थिति एवं प्रभावित क्षेत्र के आधार पर किया जाए।
नारायणपुर जिले की मांगें:-
बीएसपी एवं खनिज विभाग द्वारा नारायणपुर जिले को उसकी हिस्सेदारी के अनुसार पूर्ण DMF राशि (शेष राशि सहित) तत्काल हस्तांतरित की जाए।
भविष्य में DMF राशि का वितरण खनन क्षेत्र के वास्तविक भौगोलिक स्थिति एवं प्रभावित क्षेत्र के आधार पर किया जाए।
जिले के विकास कार्यों के लिए इस निधि का उपयोग पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
नारायणपुर जिले की जल जंगल और जमीन का पूरा लाभ नारायणपुर और अबूझमाड़ के लिए लगाया जाये।
अंतागढ़ मार्ग से भी ट्रकों को भेजा जाए केवल गढ़बेंगाल और देवगांव की ओर वाले सड़क पर अधिक दबाव ना दिया जाए।
अन्यथा सभी खनन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाए।
नारायणपुर के लोगों का आक्रोश-
नारायणपुर जिले के लोगों में भारी आक्रोश है और वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार हैं। उनका कहना है कि वे अपने जिले के विकास के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।





