जिले के शिक्षक विहीन 14 प्राथमिक शालाओं को मिला शिक्षक

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ युक्तियुक्तकरण से सहायक शिक्षिका वृतना परिहार को नई पदस्थापना से मिली मनचाहा स्कूल

Jun 4, 2025 - 18:04
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जिले के शिक्षक विहीन 14 प्राथमिक शालाओं को मिला शिक्षक

नारायणपुर, 04 जून 2025 राज्य सरकार द्वारा शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर

 उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।

जिले की सहायक शिक्षक वृतना परिहार युक्तियुक्तकरण से बेहद खुश है, वे बताती है कि मैं 2009 में शिक्षक के पद पर पदस्थ हुई थी, उसके पश्चात् मैं विकासखण ओरछा के प्राथमिक शाला कंदाड़ी में 2019 से पदस्थ थी। मुझे युक्तियुक्तकरण से मनचाहा स्कूल एवं नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 04 किलोमीटर पर स्थित प्राथमिक शाला बिंजली में नई पदस्थापना मिली है, जिससे मैं बेहद खुश हुं और ओरछा विकासखण्ड से नारायणपुर विकासखण्ड में पदस्थ होने पर मेरे परिवार में भी खुशी का माहौल है। युक्तियुक्तकरण के निर्णय से मैं और मेरे शिक्षक साथी नई पदस्थापना मिलने पर उत्साहपूर्वक नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण कर रहे हैं। 

जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद ने जानकारी दी है कि नारायणपुर जिले में 132 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। हायर सेकेंडरी स्कूल में व्याख्याता 01, पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षक 49, प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक 10, प्राथमिक शाला में 72 सहायक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। जिले में 14 प्राथमिक शाला शिक्षक विहीन थे, जिसमें शिक्षकों का नई पदस्थापना की गई है। प्राथमिक शाला एकल शिक्षक 108 और माध्यमिक शाला एकल शिक्षक 05 में भी शिक्षकों की नई पदस्थापना करने से शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिलने लगेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को युक्तियुक्तकरण से नई पदस्थापना मिलने पर सभी शिक्षक आभार व्यक्त किये हैं।