घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005: नारायणपुर में महिलाओं को मिल रहा न्याय

नारायणपुर छत्तीसगढ़

May 12, 2025 - 20:33
May 13, 2025 - 07:44
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घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005: नारायणपुर में महिलाओं को मिल रहा न्याय

महिला एवं बाल विकास विभाग, नारायणपुर के अंतर्गत महिला संरक्षण अधिकारी श्रीमती किरण नैलवल चतुर्वेदी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घरेलू हिंसा का कानून 2005 में लागू होने के बाद से माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देश पर शासन द्वारा प्रत्येक जिले में एक महिला संरक्षण अधिकारी नियुक्त की गई है।

 नारायणपुर में दर्ज प्रकरण*-

वर्ष 2014 से अब तक जिला नारायणपुर में 514 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 268 प्रकरण माननीय न्यायालय श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं और 244 प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा आदेश पारित किया गया है।

 कानून का लाभ-

इस कानून के तहत ऐसी कोई भी महिला लाभ ले सकती है जो साझी गृहस्थी में रहती हो और जो रक्त संबंध की नातेदारी, विवाह नातेदारी एवं दत्तक नातेदारी में आती हो। यह आवश्यक नहीं है कि घरेलू हिंसा कानून का लाभ सिर्फ विवाहित महिला को ही मिलेगा। कोई भी महिला जो घरेलू नातेदारी में आती हो, उक्त कानून का लाभ ले सकती है।

 घरेलू हिंसा के प्रकार -

घरेलू हिंसा के अंतर्गत शारीरिक हिंसा, मानसिक हिंसा, आर्थिक हिंसा, भावनात्मक एवं यौन हिंसा आता है। जिनका निराकरण काउंसलिंग, उचित चिकित्सा और अन्य प्रक्रियाओं के द्वारा महिलाओं को उचित मार्गदर्शन दिया जाता है।

 महिलाओं को सहायता -

पीड़ित महिलाये इस क़ानून के तहत संरक्षण आदेश,निवास आदेश, भरण पोषण आदेश, अभिरक्षा आदेश प्राप्त कर सकती हैं, जो कि निः शुल्क होगा

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री लुपेंद्र महीनाग जी ने बताया कि जिस महिला को इस क़ानून लाभ लेना है वो महिला बाल विकास से सहायता ले सकती हैं