झीरम घाटी नरसंहार में 13 साल बाद ऐतिहासिक फैसला - NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को ठहराया दोषी
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
जगदलपुर 6 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली हमले झीरम घाटी हत्याकांड में 13 साल बाद न्याय की बड़ी जीत हुई है। जगदलपुर स्थित NIA की विशेष अदालत ने शनिवार 5 सितंबर को सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने यह फैसला सुनाया। सजा का ऐलान 16 सितंबर को होगा।
कोर्ट ने इन 10 आरोपियों को दोषी माना
1. प्रमिला मोडियम
2. चैतू लेकाम उर्फ मुन्ना
3. सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम
4. मुक्का मांडवी
5. कोसा कवासी उर्फ कोसाराम
6. आयता मरकाम
7. मदकामी देवा
8. जोगा मदकामी
9. बनजामी सन्ना उर्फ चमरू उर्फ डेंगा
10. महादेव नाग
दोषसिद्धि हुई है, सजा बाकी है
यह समझना जरूरी है कि अभी सिर्फ दोषसिद्धि हुई है। अंतिम सजा कितनी होगी, यह 16 सितंबर को कोर्ट के दंडादेश के बाद ही स्पष्ट होगा। मामले में 101 गवाहों के बयान दर्ज हुए थे। बचाव पक्ष फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है।
क्या हुआ था 25 मई 2013 को?
25 मई 2013 की शाम करीब 4:15 बजे दरभा की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था।
इस हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे। मारे गए लोगों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार, गोपी माधवानी सहित कई नेता और जवान शामिल थे।
इस घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को हिला दिया था। 27 मई 2013 को जांच NIA को सौंपी गई थी। 13 साल की लंबी सुनवाई के बाद अब इस केस में न्याय का निर्णायक पड़ाव आया है।





