"ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 2026" में बेटियों ने बनाया रिकॉर्ड, 3000 के लक्ष्य के मुकाबले सैनिकों के लिए भेजी गईं 4389 राखियां
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर - भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन के त्योहार का विशेष महत्व है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जिले में भारतीय सैनिकों के सम्मान में “ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 2026”अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य सीमा पर देश की रक्षा में तैनात वीर जवानों तक सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक रक्षासूत्र पहुंचाना था।
जिले के लिए 3000 रक्षा सूत्र एकत्रित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन नारायणपुर की महिलाओं और स्कूली छात्राओं की देशभक्ति की भावना ने इस लक्ष्य को भी पार कर दिया। जिले के विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने मिलकर कुल 4389 रक्षा सूत्र एकत्र किए। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नारायणपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिले के 13 विद्यालयों के प्राचार्य और प्रधान पाठकगण उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला मिशन समन्वयक डी. बी. रावते और भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि एकत्रित किए गए सभी रक्षा सूत्रों को डाक के माध्यम से शीघ्र ही देश की सीमा पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।
इस अभियान में जिले के विद्यालयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय देवगांव नारायणपुर की छात्राओं ने सबसे अधिक 1000 रक्षा सूत्र बनाए। इसके बाद बालिका बुनियादी शाला गरांजी से 800, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला दौड़ाई से 500 और कस्तूरबा आवासीय विद्यालय नारायणपुर से 500 रक्षा सूत्र प्राप्त हुए। पूर्व माध्यमिक शाला बंगला पारा से 300, 500 सीटर कन्या बुनियादी विद्यालय गरांजी से 282, स्वामी आत्मानंद विद्यालय महावीर चौक से 271, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल सिंगोईतराई और कस्तूरबा गांधी विद्यालय ओरछा से 200-200, स्वामी आत्मानंद विद्यालय बेनूर से 150, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर से 121 और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बेलगांव से 75 रक्षा सूत्र एकत्रित किए गए। इस प्रकार सभी विद्यालयों के संयुक्त प्रयास से कुल 4389 रक्षा सूत्र तैयार हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष ने कहा कि हमारे बच्चे आज अपने सैनिक भाइयों के लिए राखी भेजकर सच्ची देशभक्ति का परिचय दे रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालयों के प्राचार्यों ने भी बच्चों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संस्कारों की भावना और अधिक मजबूत होगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी एकत्रित रक्षा सूत्रों को एक जगह एकत्र कर उन्हें पार्सल के माध्यम से सैनिकों तक भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। आयोजन ने पूरे जिले में देशप्रेम और सामाजिक एकता का संदेश दिया।





