नारायणपुर में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सल विरोधी अभियानों को तेज करने पर बनी सहमति

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Jul 27, 2026 - 19:34
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नारायणपुर में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सल विरोधी अभियानों को तेज करने पर बनी सहमति

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज नारायणपुर में एक उच्च स्तरीय अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों राज्यों के पुलिस एवं सुरक्षा बलों के बीच खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त रणनीति को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस नक्सल विरोधी अभियान छत्तीसगढ़ श्री विवेकानंद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्पेशल ऑप्स महाराष्ट्र डॉ. छेरिंग दोरजे, संयुक्त निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो तथा विशेष पुलिस महानिरीक्षक नागपुर रेंज महाराष्ट्र श्री संदीप पाटिल शामिल हुए। वहीं नारायणपुर में भौतिक रूप से आयोजित बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री बी.एन. मीणा, पुलिस अधीक्षक गढ़चिरौली श्री एम. रमेश, पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री निखिल राकेचा, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री संदीप कुमार पटेल और पुलिस अधीक्षक बीजापुर श्री उमेश गुप्ता सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की वर्तमान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियानों, सतत निगरानी और आपसी समन्वय को और मजबूत करना होगा। इस दौरान खुफिया तंत्र को और पुख्ता बनाने तथा मिली सूचनाओं के आधार पर त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए पेशेवर कार्यशैली अपनानी होगी ताकि अभियानों में बेहतर परिणाम मिल सकें।

बैठक में जनसहयोग को बढ़ावा देने और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विकास का माहौल बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग और मजबूत खुफिया नेटवर्क के जरिए ही नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। 

बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे तय की गई कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही अंतर्राज्यीय समन्वय को बनाए रखते हुए संयुक्त प्रयासों से नक्सल विरोधी अभियानों को और सशक्त रूप से संचालित किया जाए।