अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सितापाल में महिला जागरूकता कार्यक्रम: बाल विवाह के खिलाफ महिलाओं को किया गया प्रेरित
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 09 मार्च 2026 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च 2026 के अवसर पर ग्राम पंचायत कुकडाझोर के ग्राम सितापाल में महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए इसके खिलाफ जागरूक किया गया तथा बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि जिले में चलाए जा रहे ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ अभियान के माध्यम से बाल विवाह के खात्मे के प्रयासों को गति मिली है। जागरूकता का संदेश देने के लिए यह रथ जिले के गांवों और कस्बों में घूमकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक कर रहा है।
अभियान के तहत तीन चरणों में विभिन्न वर्गों को जोड़ा गया, जिसमें धर्मगुरु, छात्र-छात्राएं, पंचायत प्रतिनिधि तथा वैवाहिक समारोहों में सेवाएं देने वाले लोग शामिल रहे। इस दौरान लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई और इसके कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है और कानून की नजर में दंडनीय अपराध है।
भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चलाए जा रहे 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत जिले में ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एक्सेस टू जस्टिस संस्था ने बताया कि लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह विश्वास मजबूत हुआ है कि बाल विवाह मुक्त नारायणपुर और बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि जिले में ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन तथा जिला पंचायत सीईओ श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। पिछले 30 दिनों में यह रथ लगभग 1940 किलोमीटर की यात्रा कर जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों तक पहुंचा और लोगों को अभियान से जोड़ा।
अभियान के दौरान रथ प्रमुख सड़कों और पहुंच वाले मार्गों से गुजरते हुए गांवों तक पहुंचा, वहीं दूरस्थ क्षेत्रों में मोटरसाइकिल और साइकिल कारवां के माध्यम से भी जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया, ताकि बाल विवाह मुक्त जिला नारायणपुर का संदेश अंतिम छोर तक पहुंच सके।





