जनजाति सुरक्षा मंच ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर जिले में जनजाति सुरक्षा मंच के सदस्यों ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जिले में हो रहे धर्मांतरण पर रोक लगाई जाए और पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में क्रिश्चियन मिशनरियों पर कार्रवाई की जाए। मंच का आरोप है कि बाहरी लोग आदिवासी क्षेत्रों में जाकर नौकरी दिलाने का लालच देकर और बहला-फुसलाकर आदिवासी बहन-बेटियों को बाहर ले जाकर देह व्यापार और मानव तस्करी में शामिल हैं।
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में लगातार बाहरी लोगों के द्वारा अबूझमाड़ के जनजातीय लोगों से मिलकर लालच देकर और बीमारी ठीक करने का बहाना बनाकर भोले-भाले आदिवासियों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मतांतरित जनजाति परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए और सरकारी लाभ ले चुके लोगों से नियमानुसार वसूली करना चाहिए। साथ ही शासकीय सेवा करने वालों को बर्खास्त किया जाए और उनके द्वारा लिए जा रहे दोहरे लाभ को समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
मंच के सदस्यों ने कलेक्टर से मांग की है कि ऐसे लोगों को चिन्हित करके कार्यवाही की जाए और आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने आदिवासी दिवस के अवसर पर सभी आदिवासियों से अपील की है कि अपने आसपास के मतांतरित जनजाति परिवारों को आदिवासी देवी-देवताओं की शक्ति और संस्कृति से परिचय कराएं और अपनी शौर्य गाथा बताएं।





