अबूझमाड़िया समाज ने अपनी सदियों पुरानी संस्कृति को धर्मांतरण से बचाने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Jul 29, 2025 - 16:05
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अबूझमाड़िया समाज ने अपनी सदियों पुरानी संस्कृति को धर्मांतरण से बचाने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

नारायणपुर जिले में अबूझमाड़िया समाज ने अपनी सदियों पुरानी संस्कृति को धर्मांतरण से बचाने के लिए राष्ट्रपति से गुहार लगाई है। समाज के लोगों ने नारायणपुर कलेक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं पुलिस अधीक्षक के नाम से ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जिले में लगातार बाहरी लोगों के द्वारा अबूझमाड़ के जनजातीय लोगों से मिलकर लालच देकर और बीमारी से बचाव करने का बहाना बना कर भोले भाले आदिवासियों का धर्मांतरण/मतांतरण कराया जा रहा है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि क्रिश्चियन मिशनरियों पर आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत भोले भाले आदिवासियों को अन्य राज्यों में काम दिलाने का लालच देकर और बहला फुसलाकर देह व्यापार और मानव तस्करी करने का आरोप लगाया है।

समाज के लोगों ने अपने ज्ञापन में बताया है कि कुकड़ाझोर में ईश्वर गोटा का घर जहां पर धर्मांतरण का खेल जोरों से किया जाता है। समाज के लोगों ने कहा कि इन लोगों की गतिविधियों और लालच देने से सालों से संरक्षित अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान को खतरे में बताया और सीधे राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से प्रशासन के माध्यम से मांग की है कि आदिवासी क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन पर रोक लगाई जाए।

समाज के लोगों का कहना है कि अबूझमाड़िया जनजाति जिसे विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा मिला हुआ है और जिन्हें भारत के राष्ट्रपति के दत्तक पत्र होने का गौरव प्राप्त है। जिस क्षेत्र में ये जनजाति निवास करती है वहां पिछले कुछ वर्षों से अबूझमाड़ जिले से सैकड़ों लड़कियों को काम दिलाने के बहाने अन्य प्रदेशों में भेजा जा रहा है। जिससे प्रशासन अनभिज्ञ है या पिछले सरकार के लोगों का इस खेल में जुड़ाव रहा हो सकता है।

समाज ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से तत्काल संज्ञान लेते हुए ऐसे लोगों को चिन्हित करके कार्यवाही करने का निवेदन किया है। समाज के लोगों ने कहा कि वो सभी स्थानीय माननीय विधायक और मंत्री जी से चर्चा करना चाहते थे किन्तु वर्तमान में उनके घर पर दुख काम हुआ है इसलिए समाज ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है।

इसके अलावा, 25 जुलाई 2025 को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर कुछ लड़कियों को छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर भेजने की कोशिश करते हुए ईसाई समुदाय के कुछ लोगों को और एक एजेंट को पकड़ा गया है। उनके साथ तीन लड़कियां मिली जो नारायणपुर जिले की हैं और अबूझमाड़ जैसे पहुंच विहीन क्षेत्र की रहने वाली हैं।