नारायणपुर पीएनबी बैंक फ्रॉड में तीन और गिरफ्तार, 30.67 लाख की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

Jun 24, 2026 - 12:10
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नारायणपुर पीएनबी बैंक फ्रॉड में तीन और गिरफ्तार, 30.67 लाख की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

नारायणपुर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर में हुए बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला बैंक खातों में फर्जी केवाईसी, कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, निष्क्रिय खातों को सक्रिय कर अवैध निकासी और फर्जी लेन-देन के जरिए कुल 30 लाख 67 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। थाना नारायणपुर में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 316(5), 318(4), 338, 336(3), 340(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।  

इस प्रकरण की शुरुआत 5 फरवरी 2026 को पंजाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर के शाखा प्रमुख मनीष कुमार सोनी की लिखित शिकायत और बैंक की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर हुई। शिकायत में बताया गया कि बैंक की आंतरिक जांच और विशेष ऑडिट के दौरान यह सामने आया कि बैंक में पदस्थ कर्मचारी गोपाल सिंह समुंद ने रिकवरी एजेंट एवं बीसी सेंटर संचालकों तिलकराम मंडावी और रामकरण साहू के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बैंक खातों में फर्जीवाड़ा किया।  

जांच में पाया गया कि कई वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों को पहले एक-एक रुपये जमा कर दोबारा सक्रिय किया गया। इसके बाद खाताधारकों की जानकारी के बिना आधार लिंकिंग, फर्जी केवाईसी और अन्य दस्तावेजों में कूटरचना कर खातों से राशि निकाली गई। ऑडिट में सामने आया कि 17 अगस्त 2024 से लगातार इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से 18 खातों से लगभग 8 लाख 92 हजार रुपये की फर्जी निकासी की गई।  

विवेचना में यह भी पता चला कि फर्जी व्यक्तियों को विभिन्न बीसी सेंटरों में ले जाकर खातों से धनराशि निकाली गई। जांच के अनुसार तिलकराम मंडावी के बीसी सेंटर से 6 लाख 27 हजार 700 रुपये और रामकरण साहू के बीसी सेंटर से 15 लाख 47 हजार 800 रुपये की निकासी की गई। इसके अलावा धनराशि को स्वयं और परिचितों के खातों में स्थानांतरित करने के तथ्य भी सामने आए हैं।  

अब तक की जांच में बैंक दस्तावेज, खातों से संबंधित अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं और संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इस मामले में पहले आरोपी तिलकराम मंडावी और गोपाल सिंह समुंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है।  

संकलित साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 23 जून 2026 को आरोपी अशोक जैन पिता सुभाष जैन उम्र 30 वर्ष निवासी बंगलापारा नारायणपुर, सुनैना समुंद पिता लोकेश्वर उम्र 24 वर्ष निवासी नयापारा नारायणपुर तथा रामकरण साहू पिता जुगधर साहू उम्र 33 वर्ष निवासी सिंगोड़ीतराई वार्ड क्रमांक 05 नारायणपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों से बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। तीनों आरोपियों को 23 जून को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।  

नारायणपुर पुलिस द्वारा मामले में शेष साक्ष्यों का संकलन, गवाहों के बयान और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच चल रही है। पुलिस ने साफ किया है कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषियों पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।