बिंजली जलाशय की नहरों की मरम्मत से 250 हेक्टेयर भूमि को मिली सिंचाई, रबी उत्पादन में भी होगी बढ़ोतरी
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 08 सितम्बर 2026 जिले में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का सकारात्मक असर अब खेतों में दिखाई देने लगा है। नारायणपुर विकासखंड अंतर्गत जल संसाधन संभाग, नारायणपुर द्वारा बिंजली जलाशय की नहरों की मरम्मत एवं गाद सफाई का कार्य कराया गया है। इसके परिणामस्वरूप ग्राम खैराभाट, पालकी, तेलसी, करलखा, गुरिया एवं सुलेंगा के किसानों को लगभग 250 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की सुनिश्चित सुविधा प्राप्त हुई है।
पहले जिन खेतों में सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण खेती करना किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण था, अब वहां जलाशय की नहरों के माध्यम से पानी पहुंचने से कृषि कार्य को नई गति मिली है। सिंचाई सुविधा मिलने से किसानों को अपनी फसलों के लिए वर्षा पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है और वे अधिक भरोसे के साथ खेती कर पा रहे हैं।
नहरों की मरम्मत और गाद सफाई से बेहतर हुई जलापूर्ति
बिंजली जलाशय की नहरों में समय के साथ जमा हुई गाद एवं अन्य अवरोधों की सफाई तथा आवश्यक मरम्मत कार्य कराया गया। इससे नहरों में पानी का प्रवाह बेहतर हुआ और खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाना आसान हुआ। जल संसाधन विभाग के इस प्रयास से क्षेत्र के किसानों को कृषि कार्य में प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
रबी फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद
बिंजली जलाशय से मिलने वाली सिंचाई सुविधा का लाभ खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से किसानों को रबी फसल लेने का अवसर मिल रहा है। इससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि के साथ उनकी गुणवत्ता में भी सुधार की संभावना बढ़ी है। सिंचाई सुविधा से किसानों के खेतों का बेहतर उपयोग हो रहा है और कृषि आधारित आय को मजबूत करने में मदद मिल रही है। जिन खेतों में पहले पानी की कमी के कारण खेती सीमित रहती थी, वहां अब किसान सफलतापूर्वक फसल लेने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
किसानों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
बिंजली जलाशय की नहरों से सिंचाई सुविधा मिलने से ग्राम खैराभाट, पालकी, तेलसी, करलखा, गुरिया और सुलेंगा के किसानों में राहत और उत्साह का माहौल है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता से कृषि कार्य अधिक सुगम हुआ है। उत्पादन बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों के रख-रखाव और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों से लगभग 250 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलना क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण
उपलब्धि है।





