CGPSC की मूल्यांकन प्रक्रिया पर नारायणपुर कांग्रेस ने उठाए सवाल, 1:3 अनुपात और उत्तर-पुस्तिका जांच में पारदर्शिता की मांग को लेकर सरकार से जवाब तलब
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
नारायणपुर, 15 सितंबर 2026 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी नारायणपुर ने भाजपा सरकार और आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रक्रिया, उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और साक्षात्कार के लिए चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजेश दीवान ने कहा कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 में 265 पदों के लिए 1:3 के अनुपात के अनुसार 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन आयोग ने केवल 608 अभ्यर्थियों को ही चयनित किया। हालांकि पीएससी ने 4 सितंबर को स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि अनारक्षित वर्ग के लिए 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने के कारण केवल 608 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए पात्र हुए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने 2024 की मुख्य परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी अनियमितता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समान उत्तर और कई गलत उत्तरों पर भी बराबर अंक दिए गए हैं, जिससे मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल खड़ा होता है।
कांग्रेस ने रखी 5 प्रमुख मांगें -
1. मामले के निराकरण तक पीएससी साक्षात्कार स्थगित किए जाएं।
2. सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं साक्षात्कार से पहले सार्वजनिक की जाएं।
3. मूल्यांकन के स्पष्ट मानदंड और मॉडल उत्तर जारी किए जाएं।
4. उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच में सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
5. पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था लागू की जाए।
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजेश दीवान, प्रदेश कांग्रेस महासचिव श्रीमती रजनू नेताम, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री बिसेल नाग, वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री शिव कुमार पाण्डेय, जिला महासचिव श्री शेख तौहीद अहमद, श्री संजय राय, श्री शब्बीर बढ़गुजर, छोटे डोंगर ब्लॉक अध्यक्ष श्री महेश कोर्राम सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





